wallpaper kids

कविता :
विनोदी
प्रेरणादायी
गंभीर
इतर
चारोळ्या
प्रेमकाव्य
विडंबन

शब्दचित्रे

लेखन
व. पु. काळे
¤ स्वप्न ¤ एकाकी
¤ गगनभरारी
¤ आयुश्याचा ग्रंथ

पु. ल. देशपांडे

¤ माझे पौश्टीक जीवन  ¤ असामी असा मी ¤ म्हैस ¤ अंतू बर्वा ¤ रावसाहेब

Marathi Philosophical Poems

 

चुकली दिशा तरीही

- विंदा करंदीकर

चुकली दिशा तरीही हुकले न श्रेय सारे
वेड्या मुशाफिराला सामील सर्व तारे

मी चालतो अखंड चालायाचे म्हणून
धुंदीत या गतीच्या सारेच पंथ प्यारे

डरतात वादळांना जे दास त्या ध्रुवाचे
हे शीड तोडले की अनुकूल सर्व वारे!

मग्रूर प्राक्तनांचा मी फाडला नकाशा
विझले तिथेच सारे ते मागचे ईशारे

चुकली दिशा तरीही आकाश एक आहे
हे जाणतो तयाला वाटेल तेथ न्यारे (न्या रे?)

आशा तशी निराशा, हे श्रेय सावधांचे
बेसावधास कैसे डसणार हे निखारे?
 
विंदा करंदीकर

Back | Next
 

कोकणाचे विलोभनीय फ़ोटोज येथे पहा

Konkan Ganpati, Redi Ganpati, Temples, Mandir Naagav, Malvan, Sunset, Konkan Scene

Home  | Marathi : Kavita | Vidamban  |  Vinod | Charolya  | Chintoo Cartoons | ShabdachitrePhotography  | Articles | Downloads : Ebooks | Wallpapers  | Ganpati  | New year  | Diwali | Flash Files  | Homepages  | Cliparts  |  Web Design  : Templates  | Articles  | Woman's Corner : Beauty Secrets Cuisine Corner  | Baby Names | Nuture Kids  | Download Recipes | Links  | Site Map |